International Women’s Day: आज रात 12 बजे से Rajasthan Roadways में नहीं लगेगा किराया, महिलाओं को फ्री सफर की सौगात
राजस्थान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 को प्रदेश की महिलाओं और बालिकाओं के लिए बेहद खास और यादगार बनाने का निर्णय लिया है. इस अवसर पर राज्य सरकार ने राजस्थान रोडवेज की बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सौगात दी है. यह पहल न केवल महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है बल्कि उन्हें सार्वजनिक परिवहन के सुरक्षित और सुलभ साधनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का भी एक बड़ा माध्यम है. विशेष रूप से उदयपुर जैसे जिलों में जहां आवागमन के साधनों की भूमिका महत्वपूर्ण है वहां की महिलाओं के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है. सरकार की इस घोषणा के बाद रोडवेज विभाग ने भी अपनी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह विशेष निशुल्क यात्रा सुविधा 8 मार्च 2026 को पूरे दिन उपलब्ध रहेगी. यह सुविधा 8 मार्च की मध्यरात्रि यानी 00:00 बजे से शुरू होकर रात 11:59 बजे तक प्रभावी रहेगी. इस दौरान प्रदेश की सीमा के भीतर यात्रा करने वाली किसी भी आयु वर्ग की महिला या बालिका से किराया नहीं वसूला जाएगा. राजस्थान रोडवेज की साधारण और एक्सप्रेस श्रेणी की सभी बसों में यह छूट लागू होगी. उदयपुर और अन्य सीमावर्ती जिलों की महिलाएं जो अपने कार्यस्थल, पीहर या किसी धार्मिक स्थल की यात्रा करना चाहती हैं वे इस सुनहरे मौके का लाभ उठाकर बिना किसी आर्थिक बोझ के सफर कर सकती हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान की भौगोलिक सीमा के भीतर ही यह मुफ्त यात्रा मान्य होगी.
हालांकि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी गई हैं जिन्हें यात्रियों को ध्यान में रखना होगा. राजस्थान सरकार की यह मुफ्त यात्रा योजना केवल साधारण और एक्सप्रेस श्रेणी की रोडवेज बसों के लिए ही मान्य है. वातानुकूलित (AC), लग्जरी वोल्वो और अखिल भारतीय अनुज्ञा पत्र (All India Permit) वाली लंबी दूरी की बसों को इस योजना से बाहर रखा गया है. इसके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के भीतर दैनिक यात्रा करने वाली आम महिलाओं और बालिकाओं को सरल, सहज और किफायती परिवहन का अनुभव मिल सके. बसों में भारी भीड़ होने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश भी डिपो प्रबंधकों को दिए गए हैं ताकि महिलाओं का सफर सुरक्षित रहे.
