वर्दी वालों का बड़ा दिल: भाई नहीं आए तो पुलिसवालों ने निभाया मायरे का फर्ज, 25 साल से थाने में खाना बनाने वाली महिला के बेटे की शादी में पुलिस ने भरा मायरा

March 16, 2026 | priyanshu chouhan | Culture

उदयपुर शहर के प्रतापनगर थाने में पुलिसकर्मियों को भोजन बनाने वाली महिला के बेटे की शादी में पुलिस थाने की ओर से 1.11 लाख रुपए का मायरा भरा गया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर थानाधिकारी से लेकर अन्य पुलिसकर्मी रविवार शाम को मीराबाई के सुंदरवास स्थित निवास पर पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मी साफा पहने पारंपरिक अंदाज में नजर आए।

उनके हाथों में नोटों और कपड़ों से सजे थाल थे। इनके पहुंचने पर मीराबाई की तरफ से जोरदार स्वागत-सत्कार किया गया। थानाधिकारी पूरणसिंह राजपुरोहित ने मीराबाई को चुनरी ओढ़ाकर सम्मान दिया। इसके बाद पुलिस टीम की ओर से 1.11 लाख रुपए की राशि फैरावणी के साथ भेंट की गई। इस दौरान मीराबाई भावुक नजर आईं।

सब इंस्पेक्टर रेणू खोईवाल ने बताया कि मीराबाई थाने में बीते 25 साल से भोजन बना रही हैं। वे एक मां की तरह हमारे खाने का ध्यान रखती हैं। खाना बनने के बाद सभी को खाना खाने के लिए बोलती हैं। बार-बार खाने के लिए पूछती हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती हैं कि ऐसी महिलाओं को सहयोग दें और समाज में आगे बढ़ाएं। इसलिए थाने के सभी स्टाफ की ओर से मायरा भरा गया।

मीराबाई के तीन भाई हैं जिनमें से दो भाई पारिवारिक नाराजगी की वजह से नहीं आए। मीराबाई ने बताया कि शादी के एक साल बाद ही उनके पति का रोड एक्सीडेंट में निधन हो गया था। उस वक्त बेटा मुकेश गायरी 6 माह पेट में था।

आसपास घरों में झाड़ू-पौछा लगाकर बच्चे पालकर बढ़ा किया। फिर घनश्याम जी थानाधिकारी के घर खाना बनाने लगी थी। बाद में उन्होंने ही मुझे प्रतापनगर थाने में भोजन बनाने का काम दिया। 3 हजार रुपए वेतन में काम शुरू किया था। आज 1100 रुपए वेतन हैं।