हनीट्रैप : डॉक्टर को ब्लैकमेल कर 25 लाख वसूले, 10 लाख और लेने पहुंचीं दो युवतियों को पकड़ा; दोस्ती के बाद बनाए संबंध, वीडियो वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लाखों ले लिए
हिरणमगरी थाना क्षेत्र में हनीट्रैप का एक मामला सामने आया है। दोस्ती के जाल में डॉक्टर को फंसाकर वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और 25 लाख रुपए वसूलने के आरोप में पुलिस ने दो युवतियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों उससे 10 लाख रुपए और मांग रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने जाल बिछाकर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस को दी रिपोर्ट में पीड़ित ने बताया कि फरवरी 2026 में उसकी पहचान कृष्णा नामक युवती से हुई थी। कुछ समय बाद कृष्णा अपनी परिचित कशिश भारद्वाज को भी उससे मिलवाने लाई। आरोप है कि मार्च 2026 में कशिश उसके फ्लैट पर आई और दोनों के बीच संबंध बने। पीड़ित के अनुसार अगले ही दिन कृष्णा ने फोन कर बताया कि उसका और कशिश का वीडियो बना लिया है। इसके बाद दोनों युवतियों ने वीडियो वायरल करने, पत्नी और परिवार को भेजने तथा घर पर हंगामा करने की धमकी देकर पहले 30 लाख और बाद में 25 लाख रुपए की मांग की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दबाव और ब्लैकमेलिंग से उसने बैंक से ऋण लिया तथा और भी राशि मंगवाई। इसके बाद तीन किस्तों में 25 लाख रुपए उदियापोल बस स्टैंड के पीछे कृष्णा को दिए। आरोप है कि राशि मिलने के बाद युवतियों ने वीडियो डिलीट करने और भविष्य में परेशान नहीं करने का भरोसा दिलाया था।
पीड़ित ने बताया कि तीन माह बाद 30 मई को कृष्णा का मैसेज आया। अगले दिन कशिश फ्लैट पर पहुंची और 10 लाख रुपए की मांग करते हुए वीडियो वायरल करने, झूठे मुकदमों में फंसाने तथा घर और कार्यालय के बाहर हंगामे की धमकी देने लगी। पीडित ने शिकायत में तनाव और अवसाद में होने का उल्लेख करते हुए पुलिस से कार्रवाई तथा वसूली गई राशि की बरामदगी की मांग की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, इसमें शिकायत के तथ्य सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित के सहयोग से जाल बिछाया। युवतियों को 10 लाख रुपए देने का भरोसा दिलाया गया। आरोपी युवतियों ने पीड़ित को फतहसागर किनारे बुलाया। वहां सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी पहले से तैनात थे। तय योजना के तहत पीड़ित ने चिल्ड्रन बैंक के नोट (बच्चों के खेलने वाले) से भरा बैग युवतियों को थमाया। बैग लेते ही पुलिस टीम ने दोनों युवतियों को घेरकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है तथा कथित रूप से वसूली गई राशि और पूरे गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
