194 डिग्रियों के विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. अरविंदर सिंह को AI में ISB से डिस्टिंक्शन
उम्र नहीं रोक सकती जुनून, 194 डिग्रीयों के बाद भी जारी सफर ISB हैदराबाद से AI में अर्थ के डॉ.अरविंदर सिंह के 99% प्रतिशत
अर्थ ग्रुप के सीईओ एवं निदेशक और डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट डॉ. अरविंदर सिंह ने एक बार फिर शिक्षा और उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में शामिल इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस, हैदराबाद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय में 99 प्रतिशत अंकों के साथ डिस्टिंक्शन प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सीखने, आगे बढ़ने और नई तकनीक अपनाने के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती।

डॉ. अरविंदर सिंह पहले से ही अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड धारक हैं और वर्तमान में उनके पास 194 डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन हैं। वे एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल डॉक्टर हैं तथा क्लिनिकल पैथोलॉजी, कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजी, मेडिकल लॉ, बिज़नेस मैनेजमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्युनिकेशन स्किल्स जैसे विविध क्षेत्रों में गहन अध्ययन और कार्य अनुभव रखते हैं। वे अर्थ डायग्नोस्टिक्स एवं अर्थ स्किन के माध्यम से उदयपुर और राजस्थान में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इससे पूर्व डॉ. सिंह ने आईआईटी कानपुर, गूगल, पर्ड्यू यूनिवर्सिटी अमेरिका , हार्वर्ड तथा ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और कम्युनिकेशन स्किल्स में महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं। उनका यह निरंतर सीखने का सफर न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी को अपनाने की दिशा में भी प्रेरणादायक कदम है।
डॉ. सिंह का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, गति और सटीकता को नई ऊंचाई दे सकता है। डायग्नोस्टिक सेवाओं में एआई के उपयोग से रिपोर्टिंग सिस्टम, मरीजों की सुविधा, अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, टर्नअराउंड टाइम, डेटा एनालिसिस और रोगी सेवा अनुभव को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे मरीजों को तेज, व्यवस्थित और अधिक भरोसेमंद सेवाएं मिलेंगी।
डॉ. अरविंदर सिंह का जीवन यह संदेश देता है कि शारीरिक चुनौतियां, उम्र या परिस्थितियां किसी व्यक्ति की प्रगति को रोक नहीं सकतीं। सतत शिक्षा, तकनीक के प्रति खुलापन और समाज सेवा की भावना के साथ वे स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में निरंतर नई मिसाल स्थापित कर रहे हैं।
