8वीं तक मान्यता, फिर भी 10वीं में पढ़ाई! बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरवाकर छात्रा को नहीं दिलाया प्रवेश पत्र, पिता ने स्कूल के खिलाफ दर्ज कराई FIR
उदयपुर। शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक पिता ने मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि साहू पब्लिक स्कूल की मान्यता केवल 8वीं कक्षा तक होने के बावजूद उनकी बेटी को 10वीं कक्षा में प्रवेश देकर पढ़ाया गया। स्कूल प्रबंधन ने 10वीं की फीस लेने के साथ बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भी भरवाया, लेकिन परीक्षा से दो दिन पहले छात्रा का प्रवेश पत्र नहीं आया। इससे उसकी परीक्षा छूट गई और उसका भविष्य प्रभावित होने की स्थिति बन गई।
पुलिस के अनुसार रावजी का हाटा निवासी लाल सिंह पुत्र हरि विलास गोयल ने शीतला माता मार्ग, गुलाब बाग रोड स्थित साहू पब्लिक स्कूल के प्रबंधक संचालक मोतीलाल साहू के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता के तीन बच्चे संध्या गोयल, तमन्ना गोयल और अनिकेत गोयल इसी स्कूल में पढ़ते आ रहे हैं।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2025-26 में संध्या ने 10वीं कक्षा में प्रवेश लिया और स्कूल प्रबंधन उसे 10वीं की फीस लेता रहा। 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए उसका फॉर्म भी भरवाया गया, लेकिन परीक्षा से दो दिन पहले पता चला कि उसका प्रवेश पत्र ही नहीं आया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली तो कथित तौर पर उन्हें टालमटोल वाले जवाब दिए गए। बाद में पता चला कि छात्रा का परीक्षा फॉर्म बोर्ड में जमा ही नहीं कराया गया था। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्कूल की मान्यता केवल 8वीं कक्षा तक थी। इसके बावजूद छात्रा को 9वीं और 10वीं में प्रवेश देकर पढ़ाया गया। शिकायतकर्ता ने शिक्षा विभाग में शिकायत की तो आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई करने पर उनके अन्य बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी दी।
टीसी मांगी तो 55 हजार रुपए मांगने का आरोप परिजनों ने तीनों बच्चों की टीसी मांगी, ताकि उन्हें दूसरे स्कूल में पढ़ाया जा सके। आरोप है कि स्कूल संचालक ने टीसी देने से इनकार किया और इसके लिए 55 हजार रुपए फीस के रूप में मांगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि टीसी नहीं मिलने के कारण बच्चों को दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाने में परेशानी हो रही है।
पीड़ित पिता ने मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से भी मुलाकात की। उनके अनुसार अधिकारी ने स्कूल प्रबंधक से 10वीं की मान्यता का प्रमाण पत्र लेकर आने को कहा था। स्कूल संचालक ने कथित तौर पर बताया कि उसने 10वीं की मान्यता के लिए एफिलिएशन का आवेदन कर रखा है, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद भी कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। शिकायत में जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधक के बीच सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया गया है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है। बाद में स्कूल संचालक ने कथित तौर पर संध्या को 10वीं ओपन से करवाने की बात कही, लेकिन आरोप है कि उसकी परीक्षा भी नहीं दिलवाई गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्कूल की मान्यता, फीस वसूली, बोर्ड फॉर्म और छात्रा की परीक्षा से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।

