एकादशी पर ईडाणा माताजी ने किया दिव्य अग्नि स्नान, गूंजे जयकारे
प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में शामिल ईडाणा माताजी के शक्तिपीठ पर इस वर्ष का पहला अग्नि स्नान आज एकादशी के पावन अवसर पर संपन्न हुआ। सुबह-सुबह माताजी ने अग्नि स्नान किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।

जैसे ही अग्नि स्नान प्रारंभ हुआ, मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज उठ गई। मान्यता है कि यह देश का एकमात्र शक्तिपीठ है, जहां माताजी के ऊपर भार होते ही स्वयं अग्नि प्रज्वलित हो जाती है और अग्नि स्नान की दिव्य लीला संपन्न होती है।
अग्नि स्नान के दौरान सब कुछ जलकर राख हो जाता है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि माताजी की प्रतिमा और उनके आभूषणों को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचता। इस अद्भुत और चमत्कारी घटना को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ईडाणा माताजी को ‘मेवल महारानी’ के नाम से भी जाना जाता है और यहां होने वाला अग्नि स्नान आस्था और श्रद्धा का अनूठा प्रतीक माना जाता है।
