महाराणा प्रताप जयंती आज, मोती मगरी स्मारक पर प्रोग्रामः डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने की विशेष पूजा-अर्चना, 486 दीपकर जलाए, 486 किलो लड्डुओं का भोग लगाया

June 17, 2026 | desk | Cultural

भारतीय पंचांग (कैलेंडर) के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया पर आज मेवाड़ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मना रहा है। सबसे पहला कार्यक्रम आज सुबह फतहसागर झील किनारे स्थित मोती मगरी स्मारक में प्रताप जयंती श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रगौरव के भाव के साथ मनाई गई।

महाराणा प्रताप स्मारक समिति द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों ने भाग लेकर मेवाड़ के महान योद्धा को नमन किया।

486 लड्डुओं का भोग लगाया

समारोह प्रताप की घोड़े पर सवार प्रतिमा फूल मालाएं चढ़ाई। मेवाड़ राजपरिवार के पूर्व सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से महाराणा प्रताप की स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर उनकी 486वीं जयंती के प्रतीक स्वरूप 486 दीपक जलाए गए और 486 किलोग्राम लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया।

प्रताप के आदर्शों को अपनाए युवा पीढ़ी

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा और अदम्य संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करे, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मोती मगरी परिसर में देशभक्ति, श्रद्धा और गौरव का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान, शौर्य और स्वाभिमान को स्मरण किया।

आज महाराणा प्रताप स्मारक एंट्री फ्री

महाराणा प्रताप स्मारक समिति के प्रशासनिक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि समिति के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने जयंती के अवसर पर सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक स्मारक में आज आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों के लिए निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई। इस पहल से बड़ी संख्या में लोगों ने स्मारक पहुंचकर महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की।