उदयपुर में गिलहरी का आतंक: जिसको देखती उसे काटती; कॉलेज कैंपस में अबतक 18 लोगों को काटा
उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज में इन दिनों एक गिलहरी ने दहशत का माहौल बना दिया है। आमतौर पर शांत मानी जाने वाली यह गिलहरी बीते एक महीने में 18 से अधिक छात्र-छात्राओं और स्टाफ पर हमला कर चुकी है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, गिलहरी अचानक लोगों पर झपट्टा मारती है और काटकर भाग जाती है। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण छात्र अब परिसर के खुले मैदान में बैठने से भी डरने लगे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग सामान्य गिलहरियों से भी घबराने लगे हैं। जिन लोगों को गिलहरी ने काटा है, उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचा जा सके।

कॉलेज के डीन प्रोफेसर मदन सिंह राठौड़ ने बताया कि मामला सामने आने के बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया था, लेकिन गिलहरी को पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाई। अब दोबारा टीम को बुलाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, पीपुल्स फॉर एनिमल्स उदयपुर के अध्यक्ष सत्यजीत रॉय का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण जंगली जीवों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है। भूख, तनाव या किसी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्या के चलते गिलहरी आक्रामक हो सकती है।
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु व्यास के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में गिलहरी इंसानों पर हमला नहीं करती। हालांकि, बच्चों की सुरक्षा, डर या असामान्य मानसिक स्थिति के कारण उसका व्यवहार बदल सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि गिलहरी पहले किसी के द्वारा पाली गई हो सकती है, जिससे उसका इंसानों से डर खत्म हो गया हो।
इधर, आरएनटी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. मीणा ने चेतावनी दी है कि गिलहरी का काटना खतरनाक हो सकता है। इससे संक्रमण और रेबीज का खतरा रहता है। समय पर इलाज न मिलने पर हाइड्रोफोबिया जैसी गंभीर स्थिति भी विकसित हो सकती है। प्रशासन ने छात्रों और स्टाफ से सतर्क रहने और गिलहरी से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
