बेटे की मेहनत और भगवान का आशीर्वाद: 12वीं में 97% अंक, परिवार ने श्री सांवलिया सेठ को चढ़ाई चांदी की किताब
चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक अनोखी श्रद्धा देखने को मिली, जब एक भक्त ने अपनी मन्नत पूरी होने पर भगवान को चांदी की विशेष किताब अर्पित की। यह भावनात्मक क्षण उस समय देखने को मिला जब शहर के प्रताप नगर निवासी बर्तन व्यवसायी सुनील काबरा अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और राजभोग आरती के दौरान यह भेंट चढ़ाई।
दरअसल, सुनील काबरा ने अपने बेटे चिन्मय के अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए सांवलिया सेठ से मन्नत मांगी थी। उनका विश्वास रंग लाया और चिन्मय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 12वीं कॉमर्स परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इतना ही नहीं, वह जिला स्तर पर भी टॉपर बना, जिससे पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

मन्नत पूरी होने पर सुनील काबरा ने भगवान को चांदी से बनी एक खास किताब अर्पित की, जिसका वजन लगभग 50 ग्राम है और इसमें कुल पांच पन्ने हैं। इस किताब को अहमदाबाद (गुजरात) में विशेष ऑर्डर देकर तैयार करवाया गया था। किताब के पहले पन्ने पर एक ओर ‘श्री सांवलिया सेठ की जय’ और दूसरी ओर ‘12th पास’ अंकित है। दूसरे पन्ने पर भगवान सांवलिया सेठ की सुंदर छवि उकेरी गई है, जबकि शेष पन्नों पर भी भगवान के जयकारे और चित्र बनाए गए हैं।
सुनील काबरा ने बताया कि उन्होंने यह ऑर्डर करीब 15 से 20 दिन पहले ही दे दिया था, क्योंकि उन्हें अपने बेटे के अच्छे परिणाम की पूरी उम्मीद थी। हालांकि, उन्हें यह अनुमान नहीं था कि चिन्मय स्कूल और जिला दोनों स्तर पर टॉपर बन जाएगा। इस उपलब्धि से परिवार को गर्व महसूस हो रहा है।
चिन्मय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और भगवान सांवलिया सेठ के आशीर्वाद को दिया। उसने बताया कि वह आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना चाहता है और इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी है। परिवार का मानना है कि भगवान सांवलिया सेठ की कृपा हमेशा उनके साथ रही है और आगे भी बनी रहेगी।
इस अवसर पर मंदिर में सुनील काबरा के साथ उनकी पत्नी डिंपल काबरा, पुत्र चिन्मय काबरा और पुत्री चार्वी काबरा भी उपस्थित रहे। पूरे परिवार ने भगवान के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए इस खुशी के पल को यादगार बना लिया।
