उदयपुर के जगदीश मंदिर में गर्मी से बचाव के खास इंतजाम: ठाकुरजी के लिए एसी-फाउंटेन, श्रद्धालुओं हेतु ग्रीन शेड, कूलर और रेड कारपेट की सुविधा

April 29, 2026 | priyanshu chouhan | News

उदयपुर में गर्मी का असर जारी है, हालांकि लगातार दो दिनों की तेज तपिश के बाद तीसरे दिन तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद दिन के समय लू और तेज धूप ने आमजन की परेशानी कम नहीं की है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।

इसी बीच जगदीश मंदिर में भी ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर प्रबंधन ने पारंपरिक जल सेवा शुरू करते हुए फव्वारा (फाउंटेन) चालू किया है, जिससे गर्भगृह का वातावरण ठंडा और शांत बना हुआ है।

मंदिर के पुजारी भावेश के अनुसार, प्रभु के आराम का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गर्भगृह में नीचे पानी भरकर और ऊपर पंखा लगाकर पारंपरिक फव्वारा चलाया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक रूप से ठंडक बनी रहती है। साथ ही, आवश्यकता अनुसार एसी भी कुछ समय के लिए चलाया जाता है।

ठाकुरजी के श्रृंगार और सेवा में भी मौसम का खास ध्यान रखा गया है। उन्हें शीतल जल से स्नान कराया जा रहा है, जिसमें गुलाब और मोगरा के इत्र से सुगंधित जल का उपयोग हो रहा है। पहनावे में हल्के और मुलायम कपड़े जैसे मलमल और वायल का चयन किया गया है, ताकि गर्मी में भी आराम बना रहे।

भोग में भी गर्मी के अनुरूप बदलाव किया गया है। प्रभु को आम, खरबूजा जैसे मौसमी फलों के साथ पना और आमरस का भोग लगाया जा रहा है, जो शीतलता प्रदान करते हैं

वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में ग्रीन शेड लगाए गए हैं, जिससे धूप सीधे न पहुंचे और लू से भी राहत मिल सके। भजन-कीर्तन करने वाले भक्तों के लिए कूलर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उन्हें बैठकर भक्ति करने में कोई परेशानी न हो। परिक्रमा मार्ग पर रेड कारपेट बिछाया गया है, ताकि गर्म फर्श से भक्तों के पैर सुरक्षित रह सकें।

भीषण गर्मी के इस दौर में जगदीश मंदिर में की गई ये व्यवस्थाएं न केवल भगवान की सेवा को दर्शाती हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता का भी उदाहरण पेश करती हैं।