आश्रम में रेप से पहले भी बच्ची से दुष्कर्म: पिता जिसे देखभाल के लिए छोड़कर जाते थे, वही करता था गलत हरकतें
उदयपुर में 10 साल की बच्ची के साथ एक नहीं, बल्कि दो बदमाशों ने रेप किया था। आश्रम में रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार हो चुका है। लेकिन आश्रम से पहले भी एक व्यक्ति ने बच्ची के साथ रेप किया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
बाल कल्याण समिति (CWC) अध्यक्ष यशोदा पनिया ने बताया- काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने बताया कि पिता मजदूरी करने चले जाते थे। इस दौरान बच्ची को एक दुकानदार के भरोसे छोड़ जाते थे।
दुकानदार बच्ची से छेड़छाड़ और गलत हरकतें करता था। इसके कुछ समय बाद ही पिता ने बच्ची को आश्रम के सुपुर्द कर दिया था। लेकिन बच्ची यहां भी सुरक्षित नहीं रही। आश्रम संचालिका का 50 साल का भाई बच्ची का रेप करता रहा। बच्ची ने संचालिका को रेप के बारे में कई बार बताया था, लेकिन उसने एक्शन लेने के बजाय धमकाकर चुप करा दिया था।
बाल अधिकारिता टीम पहुंची तो आश्रम पर ताला लगा मिला
आश्रम में अन्य बच्चियों के होने की संभावना के चलते मंगलवार को बाल अधिकारिता टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान आश्रम पर ताला लगा मिला। बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी गौरव सारस्वत ने बताया कि हमारी टीम करीब एक घंटे तक वहां रुकी। संचालिका नहीं मिली और आश्रम का ताला लगा था।
उन्होंने कहा- हमे पता चला कि यहां एक बच्ची अपने दादा के साथ रह रही थी। घटना का पता लगने के बाद वे यहां से चले गए। हमसे स्थानीय लोगों ने इस आश्रम को बंद करने की मांग उठाई।
कैसे खुला मामला
बच्ची की मां का कुछ साल पहले निधन हो गया था। उसका पिता मजदूरी करता है और शराब का आदी है। बच्ची इकलौती संतान है, इसलिए पिता 6 महीने पहले उसे आश्रम छोड़ गया था। इसके बाद पिता वापस कभी बेटी से मिलने नहीं आया। आश्रम संचालिका का भाई बच्ची को अकेली देखकर गंदी हरकतें करता था। बच्ची कई बार मना करती, लेकिन नहीं मानता।
टीचर मिलने गए तो बच्ची ने बताई घटना
बच्ची को स्कूल में पढ़ाने वाले एक टीचर कभी-कभी उससे मिलने जाते थे। टीचर 5 अगस्त को बच्ची से मिलने आए तो उसने घटना की जानकारी दी। इस पर टीचर ने चाइल्ड हेल्प लाइन को इसकी शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्ची को आश्रम से 6 अगस्त को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया। समिति ने बच्ची को सरकारी बालिका गृह में शेल्टर करवाया है। समिति ने 13 अगस्त को स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया।
