उदयपुर नगर निगम चुनाव में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार, BJP के 26 तो कांग्रेस के 12 प्रत्याशी करोड़पति
उदयपुर। नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए मैदान में उतरे भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के शपथ पत्रों से उनकी संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता की तस्वीर सामने आई है। 80 वार्डों में चुनाव लड़ रहे दोनों प्रमुख दलों के 38 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनमें भाजपा के 26 और कांग्रेस के 12 प्रत्याशी शामिल हैं।

संपत्ति के मामले में वार्ड नंबर 5 से भाजपा प्रत्याशी आकाश वागरेचा सबसे आगे हैं। उन्होंने अपने शपथ पत्र में करीब 31 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति घोषित की है। इसके बाद वार्ड 53 से भाजपा उम्मीदवार और उदयपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत आंचलिया की संपत्ति 15 करोड़ रुपए से अधिक है।

वहीं, वार्ड 33 से भाजपा प्रत्याशी जतिन श्रीमाली ने 10.51 करोड़ रुपए, वार्ड 36 से डिम्पल कुंवर देवड़ा ने करीब 9.71 करोड़ रुपए और वार्ड 75 से भाजपा उम्मीदवार महेंद्र सिंह शेखावत ने 7.89 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्ड 66 से भाजपा प्रत्याशी उमेश मनवानी के नाम 6.5 करोड़ रुपए की संपत्ति दर्ज है।

कांग्रेस की ओर से वार्ड 27 की प्रत्याशी ऋतु मेहता भी करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। उनके शपथ पत्र के अनुसार कुल संपत्ति करीब 5.93 करोड़ रुपए है।

करोड़पतियों के बीच सबसे कम संपत्ति जहां एक ओर कई उम्मीदवारों ने करोड़ों की संपत्ति घोषित की है, वहीं कुछ प्रत्याशियों की घोषित संपत्ति बेहद कम है। वार्ड 66 से कांग्रेस प्रत्याशी सत्येंद्र चौधरी ने अपने नाम कुल 25 हजार रुपए की संपत्ति घोषित की है। 35 वर्षीय सत्येंद्र चौधरी दोनों दलों के करोड़पति उम्मीदवारों में सबसे कम घोषित संपत्ति वाले प्रत्याशी हैं। इसी तरह वार्ड 60 से भाजपा प्रत्याशी सुषमा राणावत ने अपने शपथ पत्र में 36 हजार रुपए की संपत्ति घोषित की है।
44 उम्मीदवार उच्च शिक्षित, 13 ने खुद को साक्षर बताया
उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता भी इस चुनाव में चर्चा का विषय है। शपथ पत्रों के अनुसार 44 उम्मीदवार उच्च शिक्षित हैं। इनमें पीएचडी धारक से लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) तक शामिल हैं। वहीं, 13 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता साक्षर बताई है और शपथ पत्र में उनके बारे में दर्ज है कि वे केवल हस्ताक्षर करना जानते हैं।नगर निगम के सभी 80 वार्डों के लिए नामांकन के दौरान उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति और शैक्षणिक योग्यता का ब्यौरा शपथ पत्र में दिया था। इन्हीं घोषणाओं के आधार पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि इस बार चुनावी मैदान में करोड़ों की संपत्ति वाले कारोबारी और बेहद कम संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार—दोनों तरह के प्रत्याशी मौजूद हैं










