वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ देखकर रची 7 लाख की चोरी: CCTV कैमरों पर ब्लैक स्प्रे छिड़ककर भागे थे शातिर, 14 दिन की मशक्कत के बाद 2 गिरफ्तार
उदयपुर। शहर के सूरजपोल थाना क्षेत्र स्थित अशोक नगर के अमृतश्री कॉम्प्लेक्स में हुई 7 लाख रुपये की सनसनीखेज नकबजनी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की गई पूरी 7 लाख रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई ग्लैंजा कार बरामद कर ली है। सूरजपोल थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हितेश कुमावत (32) निवासी देसूरी (पाली), हाल तितरड़ी (उदयपुर) और अमित फील्ड (21) निवासी आसियाना कॉलोनी, बिलिया (उदयपुर) हैं। शेयर मार्केट में घाटा होने पर बनाई चोरी की योजना मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी हितेश कुमावत शेयर मार्केट (निफ्टी और सेंसेक्स) में ट्रेडिंग करता था। ट्रेडिंग के दौरान उसे भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इस नुकसान की भरपाई और जल्द ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने चोरी का प्लान तैयार किया।
वेब सीरीज देखकर सीखा वारदात का तरीका हितेश ने ‘मनी हाइस्ट’ और ‘प्रितम एंड पैड्रो’ जैसी क्राइम वेब सीरीज देखकर चोरी की पूरी रणनीति बनाई। 4 अगस्त की रात आरोपी काले कपड़े पहनकर और मुंह ढककर आरसीए कॉलेज के पीछे बड़ी घास व अंधेरे का फायदा उठाते हुए अमृतश्री कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल पर स्थित नवरतन कॉम्प्लेक्स भुवाना निवासी भगवतीलाल लोढ़ा के कंस्ट्रक्शन ऑफिस (ऑफिस नंबर 406-407) पहुंचा। पीड़ित ने शाम को लेबर और पार्टी पेमेंट के लिए 7 लाख रुपये ड्रॉवर में रखे थे। आरोपी ने ताला तोड़कर पूरी रकम पार कर दी। पहचान छुपाने के लिए CCTV पर किया स्प्रे वेब सीरीज की तर्ज पर अपनी पहचान छुपाने के लिए आरोपी ने बिल्डिंग में लगे सभी CCTV कैमरों पर ब्लैक पेंट स्प्रे कर दिया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फतेह स्कूल ब्रिज के पास खड़ी अपनी कार में बैठकर फरार हो गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों आरोपी रातभर कार से शहर में घूमते रहे। 14 दिन की पड़ताल के बाद हत्थे चढ़े आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर थानाधिकारी सूर्यभान सिंह की अगुवाई में ‘टारगेट अशोक नगर’ नाम से विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने 14 दिनों तक शहर के विभिन्न चौराहों के सैकड़ों CCTV कैमरों की जांच की। संदिग्ध ग्लैंजा कार का सुराग मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इस कार्रवाई में एसआई ओमवीर सिंह, शीशराम, राजेशपाल सिंह, कांस्टेबल पवन, शिवलाल और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की अहम भूमिका रही।
