श्रावण में सांवलिया सेठ के दरबार में ‘धनवर्षा’, 35.66 करोड़ का दान; 133 किलो चांदी और 1 किलो से ज्यादा सोना चढ़ा
चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान के दरबार में भक्तों ने नकदी के साथ बड़ी मात्रा में सोना-चांदी भी अर्पित किया। मंदिर की भंडार गणना पूरी होने के बाद सामने आए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। मंदिर को कुल 35 करोड़ 66 लाख 64 हजार 428 रुपये का दान प्राप्त हुआ है। इसमें भंडार से मिली नकद राशि के साथ मनीऑर्डर, ऑनलाइन माध्यम और अन्य भेंट शामिल हैं।
भंडार से निकले करोड़ों रुपये मंदिर के भंडार की गणना में 27 करोड़ 89 लाख 54 हजार 347 रुपये की नकद राशि मिली। वहीं, मनीऑर्डर, ऑनलाइन माध्यम और अन्य भेंट के जरिए 7 करोड़ 77 लाख 10 हजार 81 रुपये प्राप्त हुए। दोनों को मिलाकर मंदिर की कुल दानराशि 35.66 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई।
सोने-चांदी के चढ़ावे ने खींचा ध्यान इस बार सबसे ज्यादा चर्चा भंडार से निकले सोने-चांदी को लेकर है। दानपेटी से 133 किलो 653 ग्राम चांदी और 1 किलो 38 ग्राम 300 मिलीग्राम सोना प्राप्त हुआ है। श्रावण मास में इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं का चढ़ावा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, भक्तों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं भगवान को अर्पित कीं।
11 अगस्त से शुरू हुई थी गणना श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के अनुसार, भंडार दानपेटी की गणना 11 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। बुधवार को छठे चरण के साथ गणना का काम पूरा हुआ।श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में उमड़ी भीड़ और भक्तों की ओर से किए गए इस विशाल दान ने एक बार फिर सांवलिया सेठ के प्रति लोगों की गहरी आस्था को सामने ला दिया है।
आंकड़ों में दान: कुल दान ₹35.66 करोड़, भंडार से नकद ₹27.89 करोड़, चांदी 133 किलो 653 ग्राम, सोना 1 किलो 38 ग्राम 300 मिलीग्राम
